पति-पत्नी के अंधकारमय चतुर्भुज व्यक्तित्व और महिलाओं के विरुद्ध मौखिक एवं भाषाई हिंसा के बीच संबंधों में दूसरों के जीवन के प्रति करुणा की मध्यस्थ भूमिका की व्याख्या।